आलोकनाथ, सोशल
मीडिया के हाथ
जब से लगे हैं
आलोकनाथ
हमारी सोशल मीडिया
के हाथ
तब से हो रहा है
कुठाराघात
हमारे आदर्शो,
विचारों व संस्कारों के साथ ||
एक पिता करता है
किसी गरीब लड़की का कन्यादान
सिखाता है धर्म की
बाते बनाता है आपको इंसान
उसे भी हास का विषय
बना दिया अरे नादान
कैसे हो पायेगा फिर
आदर्श भारत का निर्माण
यदि ऐसे ही प्रयोग
हमारी सोशल मीडिया करेगी
तो शायद संस्कृति की
होली चौराहों पर जलेगी