Saturday, March 15, 2014

kyon akela hai pathik


""क्यों अकेला है पथिक"" 
क्यों अकेला है पथिक तू, मार्ग में चल संग हो लें |
कित तुझे जाना मुसाफिर, साथ में मुझको भी ले ले ||
क्यों अकेला है पथिक तू, मार्ग में चल संग हो लें |
चल पहाडो के शिखर को, साथ छू लें साथ खेलें ||
जब कठिन दुर्गम सफ़र हो, हाथ दे दे हाथ ले ले||
क्यों व्यथित हे? क्यों दुखित है? अश्रु तेरे क्यों निरंतर|
देख मुझको प्राप्त कर ले, मस्त रहने का प्रिये वर||
आज पुष्पों को बिछा दें, मार्ग कितना भी हो दुष्कर| 
प्रेम की गंगा बहा दें, कंटको की बेलियो पर||
आज तेरी धमनियों संग, धमनियां मेरी भी बोलें|
क्यों अकेला है पथिक तू, मार्ग में चल संग हो लें|| सुबोध 15/3/2014 

Sunday, March 9, 2014

नारी तो माँ है , छमा है , अनंत आसमां है 
नारी तो बहन है सब सहन है, रहन सहन है 
नारी तो बेटी है समृद्धि के पेटी है, सारी संस्कृति समेटी है 
नारी तो भार्या है रिद्धि-सिद्धि कार्या है ,परिवार की आचार्या है 
नारी तो मित्र है, जीवंत प्रेरक चित्र है फिर हमारा व्यवहार क्यों विचित्र है

आइये नारी दिवस पर संकल्प करें नारी शक्ति का आदर करें जिससे समाज में उसे यथोचित सम्मान मिल सके फिर भारत की कोई बेटी दहेज़, उत्पीडन, यातना का शिकार न हो सके फिर नारी के जन्म लेने पर मातम के बजाये आनंदोत्सव मनाया जाए 

HAPPY WOMAN'S DAY

Saturday, March 8, 2014

dost to hamesha hi rangeen hotey hain 
ye daarooo ke saath wali namkin hotey hain 
khud pack lakar detey hain enjoy kartey hain 
ghar jakar bata detey hain itney kameen hotey hain

Wednesday, March 5, 2014

"" alone scary girl in the bus""
Everybodyis sleeping
so why you are weeping
fill memories with dyes
Just close ur eyes
Think about the fresh air
let people sleep, do not stare
make a swing,but not of rope
coming down from cloud in top
sometimes swing to sea to catch the wave sometimes at mountain to make you brave
you are dancing on the moon
But there is afternoon
sunflower going down
respecting your crown
comeback at your seat
your bus is beeping
Everybody is sleeping

so why you are weeping

7- july-2013 Subodh 

काश तुम्हारी भाभी होती

सप्तवर्ण से अम्बर राजित चपला ह्रदय करे आह्लादित इस पावस में झूम –झूमकर मन मयूर सा किन्तु विचलित विचलित मन के बंद सदन की किचित कोई चाभी होती काश तुम्हारी भाभी होती काश तुम्हारी भाभी होती