“दिल को दिल रखना
कभी मोहताज मत होने देना
ये दर्द करे, चीखे, चिल्लाये
उसकी यादो में तेरी
जान निकलती जाए
उसका एहसास हो,
उसको एहसास मत होने देना
दिल को दिल रखना
कभी मोहताज मत होने देना
वो कितना भी कहें, बोले मुस्काये
उसकी धड़कन से दिल की
तान बदलती जाए
उसका आभास हो,
उसको आभास मत होने देना
दिल को दिल रखना
कभी मोहताज मत होने देना””
कभी मोहताज मत होने देना
ये दर्द करे, चीखे, चिल्लाये
उसकी यादो में तेरी
जान निकलती जाए
उसका एहसास हो,
उसको एहसास मत होने देना
दिल को दिल रखना
कभी मोहताज मत होने देना
वो कितना भी कहें, बोले मुस्काये
उसकी धड़कन से दिल की
तान बदलती जाए
उसका आभास हो,
उसको आभास मत होने देना
दिल को दिल रखना
कभी मोहताज मत होने देना””
No comments:
Post a Comment