गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें
""हे पुण्य प्रसूता धरती माँ, तेरा शत शत अभिनन्दन है
जिनने भी सेवा की तेरी, उन सब वीरो का वंदन है
ये पुष्पांजलि समर्पित है, जिसने भी रण-हुंकार किया
तेरा आँचल की रक्षा में, जिसने निज जीवन वार दिया
जिसने सहकर भी मृत्यु-पाश, किया नहीं कुछ क्रंदन है
जिसने भी सेवा की तेरी, उन सब वीरो का वंदन है|
हे पुण्य प्रसूता धरती माँ, तेरा शत-शत अभिनन्दन है|
""हे पुण्य प्रसूता धरती माँ, तेरा शत शत अभिनन्दन है
जिनने भी सेवा की तेरी, उन सब वीरो का वंदन है
ये पुष्पांजलि समर्पित है, जिसने भी रण-हुंकार किया
तेरा आँचल की रक्षा में, जिसने निज जीवन वार दिया
जिसने सहकर भी मृत्यु-पाश, किया नहीं कुछ क्रंदन है
जिसने भी सेवा की तेरी, उन सब वीरो का वंदन है|
हे पुण्य प्रसूता धरती माँ, तेरा शत-शत अभिनन्दन है|
सुखदेव, राजगुरु, भगत सिंह, हंसकर फांसी स्वीकार किये
अल्फ्रेड पार्क में चद्रशेखर, खुद को जब गोली मार लिए
गांधी, सुभाष के नारों से जब जनता में आक्रोश हुआ
तब अंग्रेज हुकूमत का, चप्पा-चप्पा बदहोश हुआ
ऐसे उन अमर सपूतो को, अर्पण ये पूजा चन्दन है
हे पुण्य प्रसूता धरती माँ, तेरा शत शत अभिनन्दन है
जिसने भी सेवा की तेरी, उन सब वीरो का वंदन है""
अल्फ्रेड पार्क में चद्रशेखर, खुद को जब गोली मार लिए
गांधी, सुभाष के नारों से जब जनता में आक्रोश हुआ
तब अंग्रेज हुकूमत का, चप्पा-चप्पा बदहोश हुआ
ऐसे उन अमर सपूतो को, अर्पण ये पूजा चन्दन है
हे पुण्य प्रसूता धरती माँ, तेरा शत शत अभिनन्दन है
जिसने भी सेवा की तेरी, उन सब वीरो का वंदन है""
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