Friday, November 30, 2012

.मुसाफ़िर हो तुम तो सराय हम हैं

.मुसाफ़िर हो तुम तो सराय हम हैं
थकित अगर हो उपाय हम हैं ||
अँधेरी राहें चिराग हम हैं
नदी अगर हो प्रयाग हम हैं ||
ये रेत तुम हो बयार हम हैं
गुमी है लाइफ तो प्यार हम हैं||
कवि अगर हो तो वाह हम हैं
मेरे समन्दर प्रवाह हम हैं ||
तुम्हारी कलमो के चित्र हम हैं
अकेले गर हो तो मित्र हम हैं ||
अरे रिसर्चर विचार हम हैं
अगर हो गायक सितार हम हैं||
तू सैर-ए-गाफिल तो बार्ज(barge) हम हैं
मेरे मोबाइल रिचार्ज (recharge) हम हैं ||
तू राज गर है सीमेंट (cement )हम हैं
तू फेसबुक है कमेन्ट(comment)हम हैं ||
अकेले राही के साये हम हैं
मुसाफिर हो तुम तो सराय हम हैं ||"

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